मंडी। कृषि विभाग की ओर से हिमाचल के किसानों के लिए शुरू किए गए डिजिटल फसल सर्वेक्षण में अभी तक मंडी जिले के करीब 50 प्रतिशत किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं करवाया है। विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए तिथि को 20 फरवरी तक बढ़ा दिया है। जिले के करीब 1,74,000 पंजीकृत किसानों में से करीब 92, 600 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें 80,800 किसानों ने अपना डिजिटल सर्वेक्षण नहीं किया है।
20 फरवरी तक यदि किसानों का डिजिटल सर्वे पंजीकरण नहीं होता है तो उन्हें सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने इस सर्वेक्षण के लिए एग्रीस्टैक कंपनी को अधिकृत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब कृषि से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की मदद का डिजिटल रिकार्ड रखा जाएगा। प्राकृतिक और मौसमी नुकसान होने पर उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिन्होंने अपना डिजिटल सर्वे करवाया हो। बिना पंजीकरण किसानों को मिलने वाली सरकारी छूट बंद हो सकती है।
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भविष्य में सभी किसानों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि उनका एक रिकार्ड बन सके। जिन किसानों ने अभी तक अपना सर्वेक्षण नहीं करवाया है वह 20 फरवरी तक अपने अपने क्षेत्रों में पंजीकरण करवा दें, ताकि उन्हें बाद में सरकारी योजनाओं पर मिलने वाली छूट से महरूम न रहना पड़े।
-डॉ. रामचंद्र चौधरी, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग मंडी