हमीरपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए बार-बार शाखाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। छह विकासखंडों में 35 बैंक सखियां ग्रामीणों को घर-द्वार पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद करेंगी। डीआरडीए और एलआईसी के माध्यम से चयनित महिलाओं का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अब एक सप्ताह के भीतर ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में सेवाएं शुरू करेंगी।
बैंक सखियां ग्रामीणों को बैंक खाते खुलवाने, बैंकिंग योजनाओं की जानकारी देने और लेनदेन से जुड़े कार्यों में सहायता करेंगी। साथ ही डिजिटल बैंकिंग और उपलब्ध वित्तीय सेवाओं की जानकारी भी देंगी। इससे विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को बैंक शाखा तक जाने की परेशानी कम होगी। कई गांवों में बैंक शाखाएं दूर होने के कारण लोगों को छोटे-छोटे बैंकिंग कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बैंक सखियां स्थानीय स्तर पर बैंक और ग्रामीणों के बीच संपर्क कड़ी के रूप में काम करेंगी। इससे ग्रामीणों का समय और आने-जाने का खर्च बचाने में मदद मिलेगी।
डीआरडीए और एलआईसी के माध्यम से आयोजित कार्यशालाओं में छह विकासखंडों की चयनित महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब ये बैंक सखियां अपने-अपने क्षेत्रों में सेवाएं शुरू करेंगी। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर