संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य रैली निकालते हुए।
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मंडी। किसान यूनियनों के भारत बंद का असर मंडी जिला में कम ही देखने को मिला। सिर्फ अंतरराज्यीय बस रूट प्रभावित हुए। मंडी जिले से चंडीगढ़, दिल्ली, हरिद्वार और अमृतसर की ओर जाने वाले करीब 26 रूट प्रभावित रहे। बंद के चलते पहले ही यात्रियों ने बाहरी राज्यों की यात्रा स्थगित कर दी थी। जिले में बाजार पूरी तरह से खुले रहे। किसी तरह का असर स्थानीय मार्केट पर देखने को नहीं मिला।
सोमवार को जिलेभर में किसान यूनियनों ने रैली प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्चे ने सेरी मंच से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। मांगों को लेकर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस का भी कड़ा पहरा रहा। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को भारत बंद का एलान किया गया था। इसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का आग्रह किया गया।
मोर्चे के जिला सचिव सुरेश सरवाल ने बताया कि देश का किसान पिछले 10 माह से लगातार आंदोलन कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार कर रवैया नकारात्मक रहा है। संयुक्त किसान मोर्चे ने सरकार को चेताया कि यदि जल्द से जल्द कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। देश की सरकार श्रम कानूनों में भी बदलाव कर रही है, जो कि मजदूर विरोधी हैं। प्रदर्शन में सीटू जिला के गुरुदास वर्मा, सुरेंद्र कुमार, गोपेंद्र, वीना वैद्य, हरदेव, अमर चंद वर्मा, प्रशांत, उपेंद्र, वेद, अनिल मौजूद रहे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के डीएम संतोष कुमार ने बताया कि बंद से 26 रूट इंटरस्टेट के प्रभावित हुए हैं।
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