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घटासनी में जोगिंद्रनगर-मंडी एनएच धंसा, बराटू से घटासनी तक पहाड़ी में दरारें

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जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग घटासनी के पास आधा धंस गया है। जिससे यहां पर दुर्घटना का अंदेशा बढ़ गया है। वहीं, बराटू से घटासनी तक पहाड़ियों में दरारें आ चुकी है। जिससे कई गांवों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो यहां पर नमक की खानों की सुरंगें खुला रहने के कारण पहाड़ियों में दरारें आ रही है। जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जोगिंद्रनगर से घटासनी तक जगह-जगह पर हुए भूस्खलन के चलते निजी और सरकारी बसों के चालक अपनी जान हथेली पर रख कर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। इस मार्ग में हर पल किसी हादसे का अंदेशा बना रहता है। जोगिंद्रनगर के बृजमंडी और हराबाग के बीच रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से यहां पर सफर खतरों से भरा है। गुम्मा की पहाड़ियों में आई-दरारें और गुम्मा से घटासनी के बीच भूस्खलन के चलते सड़क जगह-जगह पर धंस गई है। यहां पर कई गांवों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि नमक की खानों से जब यहां से नमक निकाला जाता था तो यहां पर निकाली सुरंगें बंद नहीं की गई थी। जिस वजह से यह सुरंगें अब धंसना शुरू हो गई हैं। इससे पहाड़ियों में दरारें आना शुरू हो गई है।
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बराटू से घटासनी तक पहाड़ी में दरारों से भूस्खलन का खतरा
गुम्मा पंचायत की पहाड़ियों में दरारें पड़ गई हैं। जिसके चलते गुम्मा पंचायत के लोग हर रोज खतरे के साये में रात बिताने के लिए मजबूर हैं। इसी के साथ लगते गांव कढेलू, चरीडुग, बराटू गांव तथा घटासनी तक आने वाले सभी गांवों को भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भारी बारिश के चलते गुम्मा गांव और इसके आस पास के इलाकों को खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। घटासनी से जोगिंद्रनगर की तरफ लगभग एक किमी दूर सड़क धंस गई है और सड़क के बाहरी किनारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।

चिलधारी गांव में पहले भी दरक चुकी है पहाड़ी
गुम्मा की पहाड़ी पर भी दरारें आ चुकी है। गुम्मा गांव के ऊपर लगभग दो किमी दूर चिलधारी नामक स्थान पर जहां हिडिंबा माता का मंदिर बना हुआ है, उसके आसपास पहाड़ी पर दरारें पड़ी हुई हैं। जिससे गुम्मा गांव को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहाड़ धीरे-धीरे दरक रहा है और कुछ वर्ष पहले भी यह पहाड़ी दरकी थी। यहां पर यदि पहाड़ी दरकी तो भयंकर तबाही मच सकती है।
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ग्रामीण बोले खुली सुरंगों से पहाड़ी में आई दरारें
गुम्मा गांव निवासी रामसिंह, मनीराम, अजय गुप्ता, हीरालाल ने कहा कि गुम्मा से द्रंग और मैगल तक यह सारा पहाड़ नमक का है तथा यहां पर पहले नमक निकाला जाता रहा है। जिसके चलते इसके अंदर दूर-दूर तक सुरंगें खोदी गई हैं। जिसे उस समय बंद नहीं किया गया था। जिसके बैठने से गुम्मा की पहाड़ी पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हुई हैं और पहाड़ी खिसक रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि कभी भी यहां पर कोई दुर्घटना हो सकती है। हर साल बरसात के दिनों में यहां के लोग भयभीत रहते हैं। कहीं पहाड़ नीचे आ गया तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।
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