मंडी।
साल का पहली बारिश और बर्फबारी सूूखे से तड़प रही धरती पर संजीवनी बनकर बरसी। जमी बर्फ में बिजली, पानी, यातयात की दुश्वियारियों के बीच किसानों, बागवानों के अलावा आम लोगों के चेहरे भी चहक उठे। मंगलवार को मौसम के बर्फबारी भरे मिजाज के बाद बुधवार को आसमान साफ रहा। लेकिन सुबह तक नाचन, करसोग और सिराज विधानसभा क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह से ठप रहा।
रोजमर्रा के उत्पाद जैसे सब्जियां, फल, ब्रेड, पैकेट दूूध आदि की सप्लाई ठप रही। दिन बीतते कुछ हद तक सामान्य हो गई। लेकिन 26 से अधिक संपर्क मार्ग और सैकड़ों घरों की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। हालांकि प्रशासन और विभागों की तरफ से सेवाएं बहाल करने के लिए काम जारी है। विभागों के कर्मचारी बिजली और सड़कों को बहाल करने में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं।
देरी से सही लेकिन बर्फबारी से करसोग घाटी गुलजार हुई है। मंगलवार शाम को बर्फबारी का लोगों ने लुत्फ लिया। लेकिन इससे दुश्वारियां भी बढ़ीं। कई इलाकों में बिजली बाधित होने से रात अंधेरे में ठिठुरते हुए कटी। बुधवार शाम तक बर्फ से रास्ते जाम होने से यातायात बंद है। हालांकि सड़कों को बहाल करने के लिए लेबर और मशीनरी दोनों लगी है। लेकिन करसोग से मंडी की तरफ किसी भी बस की आवाजाही नहीं हुई है।
करसोग से शिमला के लिए बसें वाया धामी भेजी गईं। मुंडू से करसोग, पोखी से करसोग बसें अब तक करसोग नहीं पहुंच पाई हैं। करसोग से पुन्नील सड़क पर कीचड़ होने की वजह से बस नहीं भेजी गईं। करसोग के अड्डा प्रभारी गिरधारी लाल ने बताया कि शाम तक इन रूटों को पूरी तरह खुलने की उम्मीद है। क्षेत्र के निहरी, छतरी और पांगणा के ट्रांसफार्मर बंद हैं, करसोग विद्युत परिक्षेत्र के तहत लाइनों पर पेड़ आने की वजह से रोहांडा फीडर बंद है। निहरी फीडर भी तकनीकी खराबी आने से बंद हो गया है। सेरी फीडर के करीब 14 ट्रांसफार्मर बंद हैं। छतरी फीडर के सात ट्रासफार्मर पूरी तरह ठप हो गए। एक्सईएन विद्युत विभाग बीएल कौंडल ने बताया की विभाग के कर्मचारी इन क्षेत्रों में काम पर डटे हैं और शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी। वहीं किसानों और बागवानों में हेत राम, मनोज कुमार और बलविंद्र ठाकुर का कहना है कि बर्फबारी और बारिश से उनके खेतों को संजीवनी मिली है।