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सैकड़ों स्कूलों में चपरासियों, अभिभावकों, शिक्षकों ने पकाया मिड-डे-मील

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अमर उजाला ब्यूरो

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मंडी।
जिले में आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्फर, मिड-डे-मील वर्कर और आशा वर्कर की हड़ताल से अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र बुधवार को बंद रहे। जबकि, मिड डे मिल की सुविधा देने वाले 2492 सरकारी स्कूलों में कहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने मिड-डे-मील पकाया तो कहीं शिक्षक खुद खाना पकाते नजर आए।

गोहर क्षेत्र के कई स्कूलों में एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों ने स्कूल में पहुंच कर खुद बच्चों के लिए खाना पकाया। जिले में सीटू के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिड डे मिल वर्कर की हड़ताल से 60 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहे। जिले में 3004 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। हड़ताल के चलते 1824 आंगनबाड़ी केंद्र बुधवार को बंद रहे। जबकि, 1180 केंद्र खुले रहे। इसके साथ ही मिड-डे-मील की सुविधा देने वाले 2492 स्कूलों में भी अधिकतर मिड डे मिल वर्कर हड़ताल पर रहे।
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सरकाघाट में 154 आंगनबाड़ी केंद्र रहे खुले
सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल के तहत 407 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 154 केंद्रों में दोपहर का भोजन बना। यहां पर अधिकतर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्फर हड़ताल पर रहे। इससे केंद्रों पर ताला लटका रहा। 68 प्राथमिक विद्यालयों और 19 माध्यमिक विद्यालयों तथा 14 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की वर्कर भी हड़ताल पर रही। इन स्कूलों में मिड-डे-मील पकाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी।
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1824 आंगनबाड़ी केंद्र रहे बंद
जिला बाल विकास एवं महिला कल्याण अधिकारी अंजूबाला ने कहा कि 1824 आंगनबाड़ी केंद्र हड़ताल के चलते बंद रहे हैं। जबकि, 1180 आंगनबाड़ी केंद्रों खुले रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि जिले में 2492 सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल की सुविधा दी जा रही है। हड़ताल के चलते इन स्कूलों में मिड-डे-मील पकाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी।

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