जोगिंद्रनगर (मंडी)। बंजार बस हादसे के बाद परिवहन निगम की बसों में ओवरलोडिंग को लेकर चालक-परिचालक और सवारियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को फिर बसों में ओवरलोडिंग को लेकर चालक-परिचालक और सवारियां आपस में उलझ पड़ीं। अधिक विवाद को देखते हुए पुलिस को भी सूचित करना पड़ा। पुलिस मौके पर पहुंची और काफी गहमागहमी के बाद विवाद को सुलझाया गया।
जानकारी के मुताबिक जोगिंद्रनगर खुड्डी, डुघधार बस में जब क्षमता से अधिक सवारियां मौजूद थीं तो बस के चालक और परिचालक ने सवारियों को बसों से नीचे उतरने को कहा। इसी बीच बस में सवार यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और चालक-परिचालक से भी उलझने लग पड़े। बीचबचाव में आए बस अड्डे के अधिकारी और कर्मचारियों को भी यात्रियों का गुस्सा सहना पड़ा। काफी देर तक बस अड्डे में हंगामा होता रहा। बाद में चालक-परिचालक और यात्रियों की आपसी सूझबूझ से बस को रवाना किया गया। मंगलवार को दारट, भरोलू, मझवाड़ सड़क पर बसों की कमी को लेकर यहां के बाशिंदों ने भी बस अड्डे में पहुंचकर हंगामा किया और अड्डे में मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों को अबिलंब बसों की आवाजाही शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। बताया जा रहा है कि यहां पर करोड़ों की लागत से बनी सड़कों और पुल पर निगम की बसें शुरू नहीं हो पाई हैं। आधा दर्जन से अधिक गांव के सैकड़ों लोगों को शहर पहुंचने के लिए निजी वाहनों में मुंहमांगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। मौजूदा समय में बसों की ओवरलोडिंग का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इस पर आए दिन लोगों का गुस्सा परिवहन निगम के चालक-परिचालक, अधिकारियों और कर्मचारियों पर फूट रहा है। जोगिंद्रनगर परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि बसों में ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए अतिरिक्त बसें लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यात्रियों की सुरक्षा के चलते ही निगम की बसों में ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम हमेशा प्रयत्नशील रहा है।