मंडी। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच मंडी जिले में एक बार फिर कोरोना पांव पसारने लगा है। सोमवार को जिला मंडी में डेंटल कॉलेज सुंदरनगर के 14 प्रशिक्षु और आईआईटी मंडी के नौ शोधार्थी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। दोनों संस्थानों को क्लस्टर बनाकर माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
आगामी निर्देशों तक कक्षाएं बंद रखने के आदेश जिला दंडाधिकारी ने जारी किए हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग के साथ-साथ इन संस्थानों में सैंपलिंग के लिए सघन अभियान छेड़ा जाएगा। मंडी जिले में रविवार को 37 एक्टिव केस ही रह गए थे लेकिन सोमवार को 27 केस आने के बाद सक्रिय कोरोना के मामलों की संख्या 64 हो गई है।
संक्रमित प्रशिक्षुओं और शोधार्थियों का यात्रा इतिहास भी खंगाला जा रहा है। सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भी भेजे जाएंगे। उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने जिलावासियों से कोविड अनुरूप व्यवहार का पूरा पालन करने और कोविड से बचाव के लिए सतर्क रहने, सावधानी बरतने और मास्क, दो गज की दूरी और हाथों की स्वच्छता के उपायों को आदत में बनाए रखने का अनुरोध किया।
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नो मास्क, नो सर्विस व्यवस्था लागू
मंडी। प्रदेश में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से लगाए कुछ प्रतिबंधों के दृष्टिगत मंडी जिला प्रशासन ने भी जिले में लागू पाबंदियों को लेकर आदेश जारी किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला दंडाधिकारी अरिंदम चौधरी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जिलेभर में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू रहेगा।
जिले में नो मास्क-नो सर्विस नीति लागू रहेगी। विवाह हाल और सभी तरह के सार्वजनिक, धार्मिक, खेल, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही लोग भाग ले सकेंगे। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन अनिवार्य होगा। जिले में सभी इनडोर खेल परिसर, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, जिम तथा लंगर आगामी आदेशों तक बंद रहेंगे। सभी होटल और रेस्टोरेंट कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खुलेंगे। धार्मिक और पूजा स्थलों पर लंगर की सुविधा बंद रहेगी। संवाद