एक लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा, राशि न भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा
सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत (एक) ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। चरस तस्करी का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत (एक) ने एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर महाराष्ट्र के वीर जिगमाता भोसले मार्ग निवासी सुजीत भगवान कामले को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 23 नवंबर 2022 को सदर थाना पुलिस का दल नाकाबंदी के लिए भ्यूली चौक पर तैनात था। इसी दौरान कुल्लू की ओर से आ रही एक वोल्वो बस को चेकिंग के लिए रोका। बस में करीब 50 सवारियां बैठी हुई थी। चेकिंग के दौरान आखिरी सीट नंबर 13 ई पर बैठे एक व्यक्ति को गोद में रखे हुए बैग की तलाशी देने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा। पुलिस ने संदेह के आधार पर बैग की तलाशी ली तो इसमें से 1.036 किलो चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज कर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन की ओर से इस मामले में 10 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ व्यावसायिक मात्रा में चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। अदालत ने सजा की अवधि पर हुई सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा कि यह एक तथ्य है कि एनडीपीएस से संबंधित मामले समाज में तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में इस संकट से युवा पीढ़ी और समाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए इन मामलों में कड़ा रुख अपनाने की जरूरत है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त सजा का फैसला सुनाया है।