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Kullu News: पहाड़ से ऊंचे हौसले से जीतेंगे चट्टानों की दीवार से जंग

Sun, 14 Sep 2025 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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क्लाथ और बिंदु ढांक में मिट चुकी जमीन से रास्ता बना रही एनएचएआई की मशीनरी
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ब्यास की धारा के साथ बड़ी-बड़ी चट्टानें बन रही हैं सड़क बहाली के काम में बाधा

संवाद न्यूज एजेंसी

मनाली। यह सिर्फ सड़क नहीं, हौसले और मशीनों की परीक्षा है। एक ओर ब्यास का उफनता पानी, दूसरी ओर खड़ी हैं पहाड़ जैसी अडिग चट्टानें। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे को फिर से जोड़ने की जंग आसान नहीं।
बिंदु ढांक और क्लाथ जैसे स्पॉट पर सड़क का नामोनिशान मिट चुका है। कहीं चट्टानें टूट रही हैं तो कहीं नदी को मोड़ना पड़ रहा है। एनएचएआई की टीम दिन-रात मैदान में है लेकिन ब्यास का रौद्र रूप हर कदम पर चुनौती बनकर खड़ा है। दोबारा रास्ता बनाने के लिए मशीनें गरज रही हैं।
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क्लाथ में लगभग 400 मीटर और बिंदु ढांक में 360 मीटर सड़क का हिस्सा ब्यास में बह गया है। सड़क की जगह बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं। ऐसे में कुल्लू-मनाली नेशनल हाइवे को बहाल करना एनएचएआई के लिए चुनौती बन गया है। बड़ी-बड़ी चट्टानें रास्ते में आने से मलबा ज्यादा भरना पड़ रहा है।
एनएचएआई की मशीनरी मनाली की ओर से क्लाथ और कुल्लू की ओर से बिंदु ढांक तक पहुंच गई है लेकिन इन दो स्थानों पर ब्यास ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। क्लाथ से आगे पुराने पुल तक के दायरे में सड़क का नामोनिशान नहीं है। चट्टानें सड़क बहाली में रोड़ा बन गई हैं। इन्हें तोड़ा तो नदी का रुख सड़क की ओर मुड़ जाएगा। उन्हें यूं ही रखने पर यहां दस से 15 फीट मलबा भरना पड़ रहा है। बिंदु ढांक में पहाड़ी से नीचे सड़क गायब है। पहाड़ का मलबा आने से सड़क धंस गई है। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि सड़क बहाली का कार्य जारी है। सोमवार शाम तक मार्ग को आपात सेवाओं के लिए खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुल्लू-मनाली को अस्थायी तौर पर जोड़ना प्राथमिकता है। इन दो स्पॉट को छोड़कर अन्य सभी जगह छोटी गाड़ियां चल रही हैं। रात को सेब से लदे वाहन भी निकाले जा रहे हैं।
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सड़क बनाने वालों को खाना खिला रहे बुद्धि प्रकाश

मनाली-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए एनएचएआई के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात जुटे हैं। स्थानीय लोगों का योगदान भी कम नहीं है। सड़क बहाली में जन सहयोग तो स्थानीय लोग कर ही रहे हैं। कुछ लोग जेसीबी चालकों और मजदूरों के लिए खाने-पीने का बंदोबस्त भी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी बुद्धि प्रकाश कई दिनों से साथियों के साथ क्लाथ और आलू ग्राउंड में काम कर रहे चालकों और मजदूरों को दिन का खाना, पानी और जूस अपने जेब से खर्च कर मुहैया करा रहे हैं।
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