भूस्खलन और चट्टानें गिरने से आनी से बंजार, कुल्लू से मनाली तक सड़कें बंद
राणाबाग में भूस्खलन के बीच फंसी सेब से लदी गाड़ी
जार में पहाड़ी से गिरी चट्टान से बाल-बाल बची टैक्सी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लगातार 45 घंटे तक हुई बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। आनी से बंजार, कुल्लू से मनाली तक जगह-जगह भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सड़कें फिर से बंद हो गई हैं।
राणाबाग में सेब से लदी गाड़ी भूस्खलन में फंस गई। बंजार में गिरती चट्टानों से टैक्सी और राहगीर बाल-बाल बचे। ब्यास नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इससे प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जिले में अब तक 131 सड़कें और दर्जनों बिजली-पानी की योजनाएं प्रभावित हो चुकी हैं।
हाईवे-305 पर आवाजाही बंद रही। बंजार-गुशैणी मार्ग पर भी वाहन नहीं दौड़े। बाह्य सराज के राणाबाग के पास भूस्खलन की चपेट में आए करीब 300 मीटर के दायरे में सेब लेकर जा रही जीप फंस गई। पहाड़ी से चट्टानें गिरने से गाड़ी को नुकसान पहुंचा। चालक को जान बचाकर भागना पड़ा। गाड़ी बीच में ही फंस गई। शाम के समय बंजार में पहाड़ी से पत्थर व चट्टानें गिरने से सड़क पर खड़ी टैक्सी बाल-बाल बची। साथ ही राहगीरों ने भागकर अपनी जान बचाई। दिनभर को लगातार बारिश होने से ढालपुर सहित अन्य बाजारों में रौनक गायब रही। अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से किसी तरह के जानमान का नुकसान नहीं हुआ है।
देवी-देवताओं से बारिश रोकने की गुहार
जिला प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से जिले में 131 सड़कें बंद हैं। आनी से लेकर बंजार, कुल्लू और मनाली में बिजली के 52 ट्रांसफार्मर ठप हैं। कई पेयजल योजनाएं भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला वासी बारिश रोकने के लिए देवी-देवताओं को याद कर रह रहे हैं।
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