नौ किमी चढ़ाई चढ़ कुरचेड़ गांव पहुंची वैक्सीनेशन टीम
जिला मुख्यालय केलांग से कुरचेड़ तक किया 129 किमी का सफर
माइनस डिग्री तापमान के बीच स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में स्वास्थ्य विभाग की वैक्सीनेशन टीम को कड़क सर्दी के बीच खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। टीम को तिंदी पंचायत में बुजुर्ग, बीमार व छूटे लोगों को घरद्वार वैक्सीन लगाई गई। जिला मुख्यालय से टीम को केलांग से दुर्गम पंचायत तिदीं और वहां से वापस केलांग आने के लिए 129 किलोमीटर का सफर करना पड़ा।
उदयपुर उपमंडल के अंतर्गत सड़क से अनछुए गांव कुरचेड़ तक पहुंचने के लिए टीम को नौ किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ी। इसमें तीन घंटे का समय लग गया। टीम में पीएचसी तिंदी के डॉ. तरुण, महिला स्वास्थ्य कर्मी जमुना, आशा वर्कर वीना, डाटा एंट्री ऑपरेटर पूनम और गीता, चालक सोनम शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि टीम कभी देर रात तक माइनस तापमान के बीच कार्यों को अंजाम दे रही है, तो कभी दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों को घरद्वार पर वैक्सीन लगाई जा रही है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को सराहा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा भी था कि माना कि अंधेरा है, दीया जलाना कहां मना है। मुझे लाहौल-स्पीति के स्वास्थ्य कर्मियों पर गर्व है। मंगलवार को जहां वैक्सीनेशन टीम ने विश्व के सबसे ऊंचे पोलिंग स्टेशन टशीगंग में माइनस तापमान के बीच शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया। वहीं, बुधवार को टीम घाटी के दुर्गम क्षेत्र तिंदी पंचायत के कुरचेड़ गांव पहुंची। जहां तीन लोगों को वैक्सीन लगवाई गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा कि वैक्सीन टीम दो दिन से तिंदी पंचायत के गांव में डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन में जुटी है। उधर, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने भी वैक्सीनेशन को लेकर विभाग के कार्यों की प्रशंसा की है। संवाद