कुल्लू। सड़क दुर्घटना में किसी की जान न जाए, इसके लिए सभी अपनी नैतिक जिम्मेवारी को निभाएं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के दुर्घटनास्थल पर पहुंचने का इंतजार न करें। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाएं या स्थिति नाजुक है या घायल सांस नहीं ले पा रहा तो सीपीआर तकनीक का सहयोग लें।
यह बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कही। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सड़क सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस कर्मियों, टैक्सी और ट्रक यूनियन के सदस्यों और नर्सिंग प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने किया। इसमें सड़क दुर्घटना के दौरान हुए हादसे में घायल की जिंदगी कैसे बचाएं। इसकी बारीकियों को समझाया गया। कार्यशाला में सर्जन डॉ. सम्राट, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक, एनेस्थेटिस्ट डॉ. राजीव शासनी मुख्य वक्ता रहे। डॉ. राजीव शासनी ने कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को मौके पर सीपीआर देने की जानकारी दी।
उन्होंने प्रतिभागियों को सीपीआर देने की सही तकनीक से अवगत करवाया। कहा कि सीपीआर देते समय हाथ को न मोड़ें। डॉ. सम्राट ने प्रतिभागियों को सिर, छाती और पेट में लगी चोट के दौरान कैसे प्राथमिक उपचार मौके पर दें। इसकी बारीकियां सिखाईं। डॉ. अशोक ने प्रतिभागियों को हादसे के दौरान जोड़ों और हड्डियों में आई चोट की पहचान करने और यदि जोड़ छूट गया हो तो उसे वापस जोडऩे की प्रक्रिया को समझाया। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को घायल व्यक्ति को घटना स्थल से अस्पताल शिफ्ट करने और वहां तक पहुंचाने में बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति सचेत किया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर, जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत आदि उपस्थित रहे।