सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला की ओर से ताबो में वनस्पति आवरण बढ़ाकर मरुस्थलीकरण रोकने और स्थानीय लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ताबो ग्राम पंचायत के विभिन्न गांवों के 37 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्रशिक्षण समन्वयक एवं वैज्ञानिक-एफ डॉ. रणजीत कुमार ने की। उन्होंने किसानों को मरुस्थलीकरण के बढ़ते खतरे और इसकी रोकथाम में वानिकी गतिविधियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पवन कुमार ने सैलिक्स, पोपलर और छरमा जैसी प्रजातियों, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और परागण में कीटों के योगदान के बारे में बताया। वहीं, डॉ. संदीप शर्मा ने शीत मरुस्थलीय प्रजाति जूनिपर (शुक्पा) के पारिस्थितिक, सामाजिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी दुष्यंत कुमार ने किसानों को विभिन्न प्रजातियों की नर्सरी तैयार करने की विधियां समझाईं। संवाद