कुल्लू। स्टील फेब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने के लिए हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम से 30 लाख रुपये का ऋण लेने के बाद यूनिट स्थापित नहीं करने का मामला सामने आया है। निगम के जिला प्रबंधक की शिकायत पर कुल्लू पुलिस ने युवती के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, निरमंड क्षेत्र की एक युवती ने आठ मई 2024 को अपने पिता के साथ निगम के आनी कार्यालय में उत्कर्ष ऋण योजना (हिम स्वावलंबन योजना) के तहत 30 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। सात सितंबर 2024 को ऋण मंजूर हुआ। इसके बाद 21 अक्तूबर 2024 को 27 लाख रुपये और तीन लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भुगतान की गई।
शिकायत के मुताबिक, ऋण की कुल राशि में 24 लाख रुपये राष्ट्रीय निगम की भागीदारी, तीन लाख रुपये आवेदक का अंशदान और तीन लाख रुपये प्रदेश निगम की भागीदारी शामिल थी। निगम के जिला प्रबंधक कमलजीत ने पुलिस को बताया कि युवती को मई 2025 से ऋण की किस्तें जमा करवानी थीं, लेकिन अब तक कोई किस्त जमा नहीं करवाई गई है। आठ जनवरी 2026 को निगम की टीम ने युवती और उसके पिता को सूचित करने के बाद निरमंड के कशौली गांव में प्रस्तावित यूनिट के स्थान का निरीक्षण किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निरीक्षण के दौरान न तो युवती और उसके पिता मौके पर मिले और न ही वहां ऋण से खरीदे जाने वाले उपकरण स्थापित पाए गए। स्थानीय लोगों से पूछताछ में भी यूनिट स्थापित नहीं होने की जानकारी मिली। पुलिस ने 17 अक्तूबर को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(3), 316(2) और 314 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। एसपी अभिषेक सेकर ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस का पक्ष नाम सहित......