कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों को अब यूरिन टेस्ट करवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के नए भवन में बने शौचालयों की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। दस माह के लंबे अंतराल के मरम्मत कार्य के बाद शौचालयों के बंद दरवाजे मरीजों की सुविधा के लिए खोल दिए गए हैं। ऐसे में अब मरीजों को यूरिन टेस्ट और अन्य परिस्थितियों में शौचालय की तलाश में अस्पताल के एक से दूसरे भवन की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अमर उजाला ने मामले को 28 जुलाई के अंक में दस महीने बाद भी नहीं सुधरे अस्पताल के शौचालय, शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने हरकत में आते हुए शौचालयों का मरम्मत कार्य पूरा करवाया है और मरीजों के लिए इनके दरवाजे खोल दिए हैं।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल के नए भवन में मरीजों को शौचालय की सुविधा नहीं मिल रही थी। अस्पताल में शौचालयों की मरम्मत का काम चल रहा था और मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को पेश आ रही थी जो बुजुर्ग या चलने फिरने में असमर्थ थे। इसके अलावा चिकित्सक के यूरिन टेस्ट के लिए परामर्श के बाद मरीजों को यूरिन सैंपल भरने के लिए भटकना पड़ रहा था। अस्पताल के नए भवन में 11 ओपीडी चल रहीं हैं। इनमें मेडिसिन, कीमो, स्कीन, पुरुष जनरल, महिला जनरल, नेत्र रोग, दंत रोग, हड्डी रोग, ईएनटी और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इसके अलावा पंजीकरण काउंटर, सरकारी प्रयोगशाला, ब्लड बैंक भी इसी भवन में हैं। पांच मंजिला इस भवन में बने शौचालयों की मरम्मत का कार्य पिछले दस माह से चल रहा था। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी इनकी मरम्मत नहीं हो पाई थी। अब इनकी मरम्मत का काम पूरा कर दिया गया है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल का कायाकल्प करवाया जा रहा है जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना न करना पड़ा। शौचालयों का मरम्मत कार्य पूरा कर दिया है और दरवाजे मरीजों के लिए खोले गए हैं।