कहा- अल्पसंख्यक मंत्रालय ने जारी किया है अरबों रुपये का बजट
बोले- धरातल पर दिखने लगा प्रदेश की आर्थिक कंगाली का असर
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। केंद्र प्रायोजित विकास परियोजनाएं नहीं होती तो जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में आज विकास की गाड़ी रुक गई होती। हिमाचल में चल रहे आर्थिक संकट का असर स्पष्ट तौर पर दिखने लगा है।
यह बात पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रवि ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति में जितने भी विकास कार्य चल रहे हैं, वे सभी केंद्र सरकार से जारी बजट से हो रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से लाहौल-स्पीति के लिए करीब 30 करोड़ का बजट जारी हुआ है।
उदयपुर में भी इसी मंत्रालय के बजट से 50 करोड़ से अस्पताल बन रहा है। कहा कि हाल ही में स्थानीय विधायक ने गोंदला में जिस एंटी फ्रीजिंग पेयजल योजना का भूमि पूजन किया है, वह भी केंद्रीय अल्प संख्यक मंत्रालय से जारी बजट से बन रही है। उपमुख्यमंत्री ने केलांग में करोड़ों से एंटी फ्रीजिंग पेयजल योजना की आधारशिला रखी थी, लेकिन बजट न होने से यह परियोजना अधर में लटक गई है। इसी मंत्रालय से जारी बजट से जिस्पा स्थित अटल बिहारी पर्वतारोहण उप केंद्र में करोड़ों से साहसिक खेलों के उपकरण और अन्य समान खरीदा जा रहा है। जिस्पा में कृत्रिम रॉक तैयार कर युवाओं को रॉक क्लाइंबिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लाहौल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत करीब एक अरब रुपये खर्च कर सात सड़कों का विस्तारीकरण होगा। अल्प संख्यक मामलों के मंत्रालय से लाहौल-स्पीति के करीब 24 सरकारी विभागों को विकास के लिए बजट जारी हो रहा है।