कुल्लू। मकर संक्रांति को लेकर कुल्लू जिले के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। संक्रांति के दिन पूरी कुल्लू घाटी घी व खिचड़ी की खुशबू से महक उठेगी। इसके लिए लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली है।
माघ संक्रांति से पहले हुई भारी बर्फबारी से लोगों की खुशी दोगुना हो गई है। इस दिन जिलाभर से स्वर्ग प्रवास पर गए कई देवी-देवता लौट आएंगे। इस दौरान कई जगहों पर बकरे काटने की भी परंपरा है। मकर संक्रांति के लिए बाह्य सराज से लेकर ऊझी घाटी में साजे की धूम रहेगी। जिले के बाह्य सराज आनी की रघुुपुर घाटी, जलोड़ी, बंजार की तीन कोठी, तीर्थन तथा सैंज आदि में मकर संक्रांति पर्व को बड़े ही चाव से मनाया जाता है। ग्रामीण खेम राज, रमेश चंद, उगम राम, अमर सिंह, सुनीता, खीला देवी, कांता देवी, हीरा देवी, प्रेम सिंह, निका राम तथा हीरा लाल ने कहा कि घाटी में मकर संक्रांति उत्सव को पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। इस दिन मेहमानबाजी का दौर भी खूब रहता है। दूर-दूर से मेहमान आते हैं। इस दिन विशेष रूप से घी और खिचड़ी को परोसा जाता है। कद्दू का विशेष मीठा व्यंजन बनाया जाएगा। कहा कि साथ ही परंपरा को निभाने के लिए बकरे काटे जाएंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर बकरों की खरीद फरोख्त की है। कहा कि मकर संक्रांति को लोग अपने ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करेंगे। इसी दिन देवता खुडीजल समेत जिले के कई देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से लौटेंगे। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह ने कहा कि माघ संक्रांति को देवता खुडीजल सहित घाटी के कई देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से लौटेंगे।