उपायुक्त कार्यालय के साथ लगे बाह्य सराज के देवताओं के अस्थायी शिविरों की जगह तंग होने से दे
कुल्लू। उपायुक्त कार्यालय के साथ लगते दशहरा मैदान में बाह्य सराज के देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों की जगह साल दर साल सिमटती जा रही है। दुकानों के लिए जगह बढ़ने से देव शिविरों के लिए स्थान कम पड़ रहा है। इससे देवी-देवताओं के कारदारों और कारकूनों में जिला प्रशासन व दशहरा उत्सव समिति के प्रति रोष है। उनका कहना है कि शिविरों के बीच रास्ते इतने तंग हो गए हैं कि देवलुओं और आम लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। पहले जिस रास्ते से अग्निशमन वाहन आसानी से गुजर जाता था, वहां अब छोटे वाहन भी नहीं निकल पा रहे हैं।
कारदारों के अनुसार, इस स्थान पर खुडीजल, व्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग और बिशलूनाग के अस्थायी शिविर हैं। दुकानों के लिए जगह बढ़ने से इन शिविरों में बजंतरियों के लिए टेंट लगाने तक की जगह कम पड़ रही है। कारदारों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों में देवताओं के अस्थायी शिविरों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में संकरे रास्तों के कारण अग्निशमन वाहन का मौके तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। आपात स्थिति में यह बड़ी समस्या बन सकती है।
कारदार शेर सिंह, भागे राम राणा, इंद्र सिंह और अमर सिंह ने बताया कि इस समस्या को जिला कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष उठाया गया था, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले को दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के समक्ष उठाया जाएगा। उधर, दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि देवी-देवताओं के कारकूनों और देवलुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में कारदारों से जानकारी लेकर समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। संवाद