भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर जाम कर रहा मेहमानों का स्वागत, रेंग-रेंगकर चल रहे वाहन
फाइलों में ही घूम रहा सड़क को चौड़ा करने के लिए केंद्र को भेजा 70 करोड़ का प्रारूप
वर्ष 2023 में आई आपदा के समय केंद्र से मिले 38 करोड़ से चल रहा डंगे लगाने का काम
गौरीशंकर
कुल्लू। भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर रेंग-रेंगकर चलते वाहनों और यातायात जाम की समस्या ने सरकार और विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। इस मार्ग को कई जगह सड़क तंग है। इस कारण जाम की समस्या पैदा होती है।
धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण जाने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग ने भुंतर-मणिकर्ण सड़क को चौड़ा करने के लिए 78 करोड़ रुपये का प्रारूप केंद्र को भेजा है। सड़क को चौड़ा करने की योजना दो दशक से फाइलों में ही घूम रही है।
भुंतर से मणिकर्ण तक कई जगह सड़क तंग है। वर्ष 2023 में आई आपदा के बाद केंद्र सरकार से सड़क के सुरक्षा कार्य के लिए 38 करोड़ मिले थे। इससे इस मार्ग पर कई जगह डंगे बनाए गए। इसके अलावा पार्वती नदी में कुछ जगह सुरक्षा दीवार भी लगाई गई, लेकिन अभी भी क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों की राह आसान नहीं हुई है। इन दिनों घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ते ही सड़क जाम होने लगी है।
दो दशक से किए जा रहे सड़क को चौड़ा करने के दावे
करीब 30 किलोमीटर लंबे भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को चौड़ा करने के लिए दो दशक से योजना बनाने के दावे किए जा रहे हैं। हकीकत यह है कि वर्तमान में 78 करोड़ का प्रारूप केंद्र सरकार को केंद्रीय सड़क बजट (सीआरएफ) के तहत धन उपलब्ध करवाने के लिए भेजा गया है।
सड़क न सुधरने तक नहीं दौड़ेगी पर्यटन की गाड़ी
मणिकर्ण घाटी के पर्यटन कारोबारी सुमन कुमार, सतीश और सोनू ने कहा कि जब तक सड़क की दशा नहीं सुधरेगी, तब तक क्षेत्र में पर्यटन की गाड़ी ठीक से नहीं दौड़ेगी। घाटी के लोग दशकों से सड़क की दशा ठीक होने की उम्मीद में हैं। पर्यटक सड़क संकरी होने के कारण जाम में फंस रहे हैं।
आपदा में आए 38 करोड़ रुपये से काम चल रहा है। सड़क को चौड़ा करने के लिए केंद्र को सीआरएफ के तहत विस्तृत प्रारूप भेजा है। स्वीकृति का इंतजार है। इस डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद घाटी की सड़क का विस्तार होगा। - बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग