दीवारों से भी टपक रहा बारिश का पानी, मरीज और तीमारदार भी हो रहे परेशान
मरम्मत पर 65 लाख खर्चने के बावजूद अस्पताल की हर मंजिल से रिस रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की छत और दीवारें बारिश के पानी से टपकने लगी हैं। इससे मरीज और तीमारदार परेशान हैं। बारिश के दिनों में अस्पताल के पुराने और नए दोनों भवनों में रिसाव से न केवल भवन कमजोर हो रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।
65 लाख की मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस, प्रशासन ने सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग से मदद मांगी है। दीवारों से पानी भवन के भीतर आ रहा है। अस्पताल की हर मंजिल की छत और दीवार से पानी आ रहा है। इसके लिए बर्तन रखने पड़ रहे हैं।
छत से सीमेंट का मलबा भी गिरना शुरू हो गया है। अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक इसे रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं। डेढ़ साल पहले अस्पताल में रंग-रोगन और अन्य मरम्मत कार्य के लिए 65 लाख रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन टपक रही छत को ठीक नहीं किया गया है। अस्पताल में आए तीमारदार दिनेश कुमार, पवन और रमेश का कहना है कि बारिश के दिनों में अस्पताल की दीवारें और छत टपकने से लोगों को तो परेशानी हो रही है। भवन की दीवारें भी कमजोर होती जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन को इसे समय रहते ठीक करना चाहिए। धरातल मंजिल में काफी समय से दीवारों से सीमेंट काफी मात्रा में उखड़ रहा है और दरारें भी आ रही हैं। ऐसे में बारिश के पानी के रिसाव को रोकने के लिए उचित कदम उठाना जरूरी है।
गौरतलब है कि अस्पताल के जिस भवन में रिसाव हो रहा है, वह भवन भी कुछ वर्ष पहले ही बना है जबकि इससे पुराने भवन में भी यही स्थिति यह बनी हुई है।
छत से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग से पत्राचार किया है। विभाग से पानी के रिसाव को रोकने के लिए मरम्मत कार्य करने का आग्रह किया है जिससे मरीजों, तीमारदारों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - डॉ. तारा चंद चिकित्सा अधीक्षक