सीमेंट कंपनियों ने दो महीने के भीतर दूसरी बार बढ़ा दिए हैं सीमेंट के दाम
लोग बोले - मकान बनाने में हो रही परेशानी, बजट भी ज्यादा हो रहा खर्च
पूर्व मंत्री गोविंद बोले- सरकार का खजाना खाली, आंखें मूंदकर दे रही अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। हिमाचल में अब आशियाना भवन बनाने का सपना महंगा हो गया है। सीमेंट कंपनियों ने दो महीने के भीतर दो बार सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे लोगों को आशियाना बनाना महंगा पड़ रहा है।
भवन निर्माण की तमाम सामग्री के रेट आसमान छू रहे हैं। बजरी-रेत के दाम भी पहले ही काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। अब सीमेंट कंपनियों ने पांच रुपये प्रति बैग दाम बढ़ा दिए हैं। कुल्लू में सीमेंट बैग का रेट अब 465 रुपये हो गया है। आपदा के समय कई लोगों मकान ढह गए हैं। जिले में पिछले दो माह में कई घर और गांव आग की चपेट में आने से जलकर राख हो गए हैं। इसमें बंजार का तांदी गांव भी शामिल है। ऐसे में इन लोगों के मकान बनाने में और राशि खर्च पड़ेगी।
बार-बार दाम बढ़ने से लोगों में भी काफी चिंतित और निराश हैं। घाटी वासी देवराज नेगी, प्रताप पठानिया, महेश शर्मा, चमन ठाकुर और अरुण ठाकुर ने कहा कि बार-बार सीमेंट के दाम बढ़ने से लोगों को मकान निर्माण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बजट भी अधिक खर्च हो रहा है। पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार का खजाना खाली है। सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। डिपुओं में राशन नहीं है। बिजली और पानी का बिल भी सरकार जनता पर थोप रही है। सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है। उन्होेंने कहा कि सीमेंट कंपनियों ने दो महीने के भीतर दो बार सीमेंट के दाम बढ़ा दिए है। सरकार आंखें मूंदकर दाम बढ़ाने की अनुमति दे रही है। इससे पता चलता है सरकार प्रदेश की जनता की कितनी हितैषी है।
सीमेंट के बार बार दाम बढने से भवन निर्माण में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण का बजट भी और अधिक बढ़ रहा है, जिससे परेशानी हो रही है। - शुभम चौहान
दो महीने के भीतर दो बार सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों की मनमानी पर सरकार कोई अंकुश नहीं लगा रही है। ऐसे में लोगों को अपने आशियाने बनानें में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। - अनिश ठाकुर