कुल्लू के न्यूल स्कूल में आयोजित अध्यापक दिवस के मौके प्रस्तुति देते विद्यार्थी। -संवाद
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कुल्लू/पतलीकूहल। भगवान के बाद निर्माणकर्ता और सुधारक अध्यापक ही है। अध्यापक ही बच्चों को शिक्षित करने के अलावा सही और गलत का ज्ञान देते हैं। यह बात वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला न्यूल की प्रधानाचार्य कमला देवी ने शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
सबसे पहले कार्यक्रम में अध्यापिका मीनाक्षी ने लघु कविता पढ़ी। उन्होंने छठी से आठवीं तक की परीक्षा प्रणाली की जानकारी दी। इसके बाद प्रवक्ता विनोद और प्रेम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों से अवगत करवाया। स्कूली विद्यार्थियों ने कार्यक्रम रंगारंग प्रस्तुतियां देकर चार-चांद लगाए। कार्यक्रम में कुल्लवी नाटी आकर्षण का केंद्र बनी रही।
कुल्लू कॉलेज के इतिहास विभाग में अध्यापक दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. रोशन लाल बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। कॉलेज में केक काटकर अध्यापक दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. रोशन लाल ने डॉ. राधा कृष्ण के योगदान के बारे में बताया। इस दौरान प्रो. कृष्ण लाल, प्रो. प्रोमिला, प्रो. सनी ठाकुर, प्रो. दीप लाल, प्रो. अजय, प्रो. रत्नेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरशैणी में भी अध्यापक दिवस मनाया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समां बांधा। इस दौरान एसएमसी प्रधान येन सिंह ठाकुर, प्रधानाचार्य लाल मन चंदेल उपस्थित रहे। उधर डीएवी पब्लिक स्कूल कटराईं में शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया।
समारोह में अध्यापकों के लिए खेलों का आयोजन किया। राजकीय उच्च पाठशाला चेष्टा समेत जिला के सरकारी और निजी स्कूलों समेत शिक्षण संस्थानों में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।