उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। तांदी-संसारीनाला (हिमाचल सीमा) सड़क छोटे वाहनों के लिए सोमवार देर शाम बहाल कर दी है। मार्ग की बहाली में बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के जवानों को उदयपुर से करीब 10 किमी आगे दरेड़ के पास पांच दिन तक हिमखंड से जूझना पड़ा। बीआरओ के अनुसार हिमखंड करीब 300 फुट के दायरे में गिरा था और इसकी ऊंचाई 50 से 60 फुट के आसपास थी।
इसे हटाने में तीन मशीनों को पांच दिन का समय लगा। हिमखंड हटाते ही लाहौल घाटी का अंतिम गांव तिंदी के साथ पांगी घाटी का संपर्क उदयपुर, केलांग, मनाली और कुल्लू के साथ जुड़ गया है। सीमा सड़क संगठन ने मार्ग की बहाली के लिए माइनस तापमान में युद्धस्तर पर काम किया है। 94 आरसीसी के कनिष्ठ अभियंता अरुण कुमार की अगुवाई में काम किया गया।
तांदी से संसारीनाला तक 140 किमी लंबी सड़क यातायात के लिए बहाल होने से पांगी के साथ तिंदी क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। तांदी से 55 किमी दूर दरेड़ नाला के पास गिरे हिमखंड को हटाने के लिए सीमा सड़क संगठन के जवानों के पसीने छूटे।
सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के कनिष्ठ अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि दरेड़ से एक किमी आगे सड़क पर लगभग 300 फुट के दायरे में 50-60 ऊंचा हिमखंड गिरा था। इसे हटाने में सीमा सड़क संगठन के जवानों को काफी समय लगा।
उदयपुर में तैनात सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के कमांडिंग आफिसर मेजर विसाग सीपी ने बताया कि तांदी से संसारीनाला (हिमाचल सीमा) तक सड़क सोमवार देर रात को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दी है। संवाद