प्रशंसकों की दुआएं और पुरुष हॉकी टीम का जज्बा आखिर रंग लाया और देश को 41 साल हॉकी में पदक मिल ही गया। बेशक तमगे का रंग पीला न हो, पर प्रशंसक खुश हैं कि गोल्ड नहीं तो कांस्य ही सही। हॉकी का पुराना रुतबा फिर से लौट आया है। बेटों ने तो जज्बा दिखा दिया है, अब बारी बेटियों की है। प्रशंसकों को पूरी उम्मीद है कि बेटियां भी मेडल जीतकर पहली बार इतिहास रचेंगी। पुरुष हॉकी टीम के मैच को लेकर प्रशंसकों में इतना उत्साह था कि सुबह ही टीवी ऑन कर दिए। जैसे ही अंतिम सीटी बजी, प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मजबूत जर्मनी को हराकर भारतीय टीम ने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। अब बारी बेटियों की है। इस मैच को लेकर भी प्रशंसकों और हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह है....
कुल्लू के हॉकी खिलाड़ी यशपाल शर्मा ने कहा कि ओलंपिक में भारतीय टीम का कांस्य पदक जीतना गर्व की बात है। 41 साल के लंबे सफर के बाद भारतीय हॉकी को अब नए पंख लगने की उम्मीद है। हॉकी फिर से बुलंदियों पर है।
हॉकी खिलाड़ी विपिन ठाकुर ने कहा कि कहा कि टोक्यो ओलंपिक में पुरुष टीम के बाद अब महिला टीम की बारी है। उम्मीद है कि बेटियां भी मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगी। हॉकी में इस बार दोहरी खुशी मिलेगी।
हॉकी खिलाड़ी गुलशन करियाल ने कहा कि ओलंपिक में जर्मनी को हराना बड़ी बात है। भारतीय टीम ने भी जर्मनी की तरह तेज हॉकी खेली है। इस जीत से इंडिया हॉकी का भविष्य बेहतर होगा और खिलाड़ी उत्साहित होंगे।
हॉकी खिलाड़ी धर्मपाल ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। इससे देश में हॉकी के प्रति युवाओं का और रुझान बढ़ेगा। यह भारतीय हॉकी के लिए नए युग का शुरूआत है।
योगेश वर्मा ने कहा कि ओलंपिक में भारतीय दल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हॉकी के साथ कुश्ती और बॉक्सिंग में भी भारत को मेडल मिले हैं। आने वाले ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी दमदार प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
प्रकाश कश्यप ने कहा कि ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने देश के गर्व को बढ़ाया है। अब सबकी नजरें महिला हॉकी टीम पर टिकी हैं। पुरुषों की जीत से महिला टीम को भी प्रेरणा मिलेगी और महिलाएं भी पदक जीतेंगी।