कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक भी है। दशहरा के बड़े मंच पर हिमाचल सहित सात प्रदेशों के कारीगरों, किसान संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण हथकरघा और हस्तशिल्प के उत्पादों को सजाया गया है। मालरोड पर देश के कुशल कारीगरों और हस्तशिल्पियों की कारीगरी दिखेगी। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने 15 स्टॉल स्थापित किए हैं।
नाबार्ड ने दशहरा में हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के किसान उत्पादक संगठनों, हथकरघा एवं हस्तशिल्प कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से निर्मित एवं उत्पादित वस्तुओं की बिक्री को मंच देने के लिए 15 स्टाॅल लगाए हैं। इनका शुभारंभ नाबार्ड हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया ने किया। इन स्टालों में हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा राजस्थान के छह स्टॉल शामिल हैं। इनमें विभिन्न क्षेत्रों से आए कारीगरों की ओर से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। डॉ. विवेक पठानिया ने कहा कि कारीगरों को बड़े स्तर पर बाजार से जुड़ने का अवसर दिया जाता है। संवाद