सैंज/कुल्लू। जिले के अति दुर्गम क्षेत्र शाक्टी, मरौड़ और शैंशर में 10 दिन बाद खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। बुधवार को वायुसेना का चौपर गाड़ापारली पंचायत के आपदा प्रभावित गांवों में खाद्य सामग्री पहुंचाने में सफल रहा। इससे पहले तीन दिनों की कोशिश नाकाम रही।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया कि वायुसेना के चौपर से शाक्टी, मरौड़ में एक टन खाद्य सामग्री भेजी। भारी बारिश के चलते ग्राम पंचायत गाड़ा पारली के गांवों का संपर्क कट गया है।
कहा कि शैंशर में भी आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। यह सामग्री देहुरीधार पंचायत सहित गाड़ा पारली के आठ उचित मूल्य की दुकानों को भेजी जाएगी। गांवों में राशन खत्म होने से हालात बदतर हो गए थे।
इन गांवों के लिए प्रशासन एक सप्ताह से राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा था परंतु विपरीत मौसम के चलते राहत सामग्री पहुंचाने में भारी कठिनाई आ रही थी। बताया कि सियुंड से शैंशर, निहारनी, मझान, दरेंचा, शुगाड और शाक्टी को जोड़ने वाले पुराने खच्चर मार्ग को ठीक करने का कार्य आरंभ कर दिया है। संवाद
.....
पीडब्ल्यूडी के लिए मुसीबत बनी बारिश, सड़कें होने लगी बंद
कुल्लू में चार दिनों से रात को लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। रात की बारिश से आपदा से बंद हुई सड़कों को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। रोज करीब आठ से 10 ऐसी सड़कें खुलने के बाद फिर से बंद हो रही हैं। इन्हें बहाल करना पीडब्ल्यूडी के लिए चुनौती बन गया है।
विभाग ने 45 मशीनें सड़कों की बहाली में लगाई हैं। लोक निर्माण के अधीक्षण अभियंता राजीव शर्मा ने कहा कि रात को हो रही बारिश से उनका काम प्रभावित हो रहा है। जिले में 100 से अधिक सड़कें बंद हैं मगर सड़कों से मलबा उठाने के बाद रात को फिर मलबा सड़कों पर आ रहा है। कहा कि विभाग ने युद्धस्तर पर सड़कों को खोलने का काम शुरू किया है। संवाद