कुल्लू। प्राकृतिक तौर पर उगने वाली गुच्छी जगलों में उगना शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में सुबह से शाम तक लोगा गुच्छी ढूंढने में व्यस्त हैं। हालांकि अभी रेट तय नहीं हुआ है। सबकी नजर जिला स्तरीय सैंज मेले पर टिकी है, जो मई के पहले सप्ताह से शुरू होगा। इस मेले में गुच्छी का कारोबार होता है और गुच्छी खरीदने के लिए यहां व्यापारी पहुंचते हैं।
जिला कुल्लू में बंजार, सैंज, बाह्य सराज, मणिकर्ण, खराहल, लगघाटी के साथ ऊझी घाटी में गुच्छी की तलाश लोगों ने तेज कर दी है। ग्रामीण शिव राम, अनीता देवी, हीरा लाल, मेहर चंद, माघी देवी, कांता देवी सहित शांता देवी ने कहा कि इस साल 2023 के मुकाबले अधिक गुच्छी लोगों को मिल रही है। कहा कि गुच्छी के लिए मौसम भी अनुकूल है। बताया जाता है कि तेज गरजना और बारिश होने से जंगलों में गुच्छी की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल गुच्छी सात से दस हजार रुपये प्रति किलो कि हिसाब से बिकी थी। गुच्छी व्यापारी मनोहर ने कहा कि गुच्छी की तलाश चल रही है। किस तरह प्रतिकिलो दाम रहेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। बता दें कि गुच्छी की सब्जी में पोषक तत्व है और इसकी मांग देश के बड़े शहरों सहित पांच सितारा होटलों में अधिक रहती है।