केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग अस्पताल में एंबुलेंस चालक की मौत पर परिजनों ने परिसर में खूब हंगामा किया। परिजनों ने एंबुलेंस चालक की मौत को लेकर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की। परिजनों के हंगामे के बाद यहां माहौल खूब गरमाया।
अस्पताल परिसर में परिजनों के हंगामे को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार भी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से परिजनों को आश्वासन देकर शांत करवाया गया। परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों को तुरंत सस्पेंड कर निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजन सौंटा राम ने कहा कि रविंद्र को पेट दर्द होने पर 15 जुलाई को केलांग अस्पताल में दाखिल किया था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बावजूद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने रविंद्र का उचित ढंग से उपचार नहीं किया। परिवार की ओर से बार-बार आग्रह के बाद भी मरीज को समय पर कुल्लू अस्पताल रेफर नहीं किया गया। करीब 10 से 12 घंटे तक रविंद्र केलांग अस्पताल में सही तरह से इलाज नहीं मिलने पर तड़पता रहा। अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद परिजनों को 16 जुलाई सुबह करीब 4 बजे मजबूरन रविंद्र को निजी वाहन से कुल्लू अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लेकिन तब तक रविंद्र की मौत हो चुकी थी। 17 जुलाई को लोगों ने परिजनों के साथ अस्पताल परिसर पहुंच कर जमकर नारेबाजी करते हुए उपचार करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा को ज्ञापन प्रेषित कर मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। उधर, इस संबंध में एसडीएम केलांग प्रिया नागटा ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सात दिन के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।