सैंज (कुल्लू)। लोक निर्माण विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद सैंज घाटी में एक भी संपर्क सड़क डेढ़ महीने से बहाल नहीं हो पाई है। प्रशासन ने सड़कों को जीप योग्य बनाने के आदेश दिए हैं। घाटी में सड़कें बंद रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घाटी में लोक निर्माण विभाग की बिहाली-कंढा, सैंज-कनौन, सैंज-धाउगी, सैंज-देवगढ़, सैंज-देहुरी, सैंज-फागला, सैंज-परगाणू, सैंज-रैला, सैंज-शांघड, सैंज-न्यूली, न्यूली-शैंशर सहित कोई भी सड़क यातायात के लिए खुल नहीं पाई है। बाढ़ से अधिकतर सड़कों का कई किमी हिस्सा तबाह हो गया है।
नए सिरे से सड़कें बनाने में विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बागवान रमेश, संजीव कुमार, यान सिंह, राम दास, ज्ञान चंद और भाग चंद ने कहा कि सड़कें बंद होने से सबसे अधिक नुकसान सेब उत्पादकों को हुआ है। पीठ पर ढुलाई के लिए मजदूरों को अतिरिक्त पैसा देना पड़ रहा है।
घाटी की हर पंचायत में छह-सात सड़कें हैं। इन सड़कों की देखरेख का जिम्मा पंचायत के पास ही रहता है। इसके साथ ही सैंज तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क की दशा खराब है। बोदली माता मंदिर से नए पुल तक लोगों को जान हथेली पर रख कर सफर करना पड़ रहा है।
आनन-फानन में तैयार की गई यह सड़क लगातार धंस रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विनय हाजरी ने कहा कि सैंज घाटी में मुख्य सड़क के अलावा सभी संपर्क सड़कों को बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है। विभाग की मशीनरी हर सड़क पर लगाई गई है। बारिश से हो रहे भूस्खलन के चलते काम में रुकावट आ रही है। संवाद