कुल्लू। जिले में दो दिनों से हुई बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से हुए भूस्खलन व मलबा गिरने से कुल्लू में करीब 17 सड़कों पर यातायात ठप है। बंजार में आठ, कुल्लू में एक और बाह्य सराज आनी-निरमंड में भी आठ सड़कों पर वाहनों के पहिये थम गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और कुल्लू-मनाली सैर सपाटे के लिए आने वाले सैलानियों और आम लोगों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। साथ ही ब्यास के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है। ब्यास व अन्य नदी-नालों का जलस्तर उफान पर होने से नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी प्रशासन ने अलर्ट कर एहतियात बरतने को कहा है। एचआरटीसी कुल्लू ने भी बरसात की बारिश को देखते हुए अपने सभी चालकों-परिचालकों को भूस्खलन से प्रभावित रूटों पर बसों को सुरक्षित जगहों तक ही ले जाने को कहा है। घाटी में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे रूट हैं, जो बारिश होने पर बार-बार प्रभावित हो रहे हैं। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने से भारी नुकसान हो सकता है। खराब मौसम से दिल्ली-भुंतर-चंडीगढ़ की उड़ान भी नहीं हो सकी और सवारियों को सड़क के रास्ते ही जाना पड़ा। उधर, एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तैयार है। जिले में किसी भी तरह की आपदा या नुकसान की सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टॉल फ्री नंबर 1077 पर दी जा सकती है।