न्यूली/सैंज (कुल्लू)। जिले का दुर्गम गांव शाक्टी आज तक सड़क सुविधा नहीं जुड़ पाया है। गांव के लिए न तो सड़क पहुंची न ही बिजली। आधुनिक दौर में भी ग्रामीण रोपा से शाक्टी तक 18 किलोमीटर का सफर करने को मजबूर हैं। प्रदेश की सरकारों की अनदेखी का दर्द बुजुर्गों से लेकर युवाओं में है।
अनदेखी के चलते शाक्टी गांव के युवा सुंदर सिंह ने गांव से 18 किलोमीटर दूर मनाहरा में अपने ताया के घर में दुल्हन के संग सात फेरे लिए। सुंदर सिंह की शादी शैंशर के मनाहरा में धूमधाम से हुई। खास बात यह रही कि शाक्टी, मरोड़ और शुगाड़ के लोग भी इस शादी में शामिल हुए। शाक्टी पहुंचना लोगोें के लिए आसान नहीं है लेकिन मजबूरी में लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। सुंदर सिंह के ताया झारी राम ठाकुर ने कहा कि शादी दुर्गम गांव शाक्टी की बजाय मनाहरा गांव में हुई। रिश्तेदारों व मेहमानों को शाक्टी की चढ़ाई चढ़ना आसान नहीं है। शादी का निमंत्रण होने पर भी कई लोगों की सांसें शाक्टी पहुंचने तक फूलने लगती हैं। अगर गांव तक सड़क निकली होती तो लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। सरकार की ओर से हर बार सड़क को लेकर आश्वासन ही मिला है। पैदल चलने वाला रास्ता भी कई जगह खराब है। वहीं, सुंदर सिंह के पिता मोती राम ठाकुर ने कहा कि शादी मनाहरा गांव में हुई। सरकार दुर्गम गांव शाक्टी को सड़क से जोड़ने के लिए प्रयास करे।