गीता कुटीर ने भागवत गीता पर आयोजित हुई प्रतियोगिता
24 विद्यालयों के सौ से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। श्रीगीता कुटीर रामशिला में 35 वीं गीता जयंती पर समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के 24 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के सौ से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी सुनिश्चित की।
इस दौरान वाद-विवाद प्रतियोगिता में एलएमएस ढालपुर की रिधिमा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि ट्रिनिटी स्कूल, मोहल के भुवनेश ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिताएं गीता कुटीर रामशिला में हुईं। दोनों प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न के साथ नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता की विजेता को 3,100 और चित्रकला के विजेता को 2,001 की नकद राशि दी गई। सरस्वती विद्या मंदिर, बाशिंग की संस्कृति द्वितीय स्थान पर रहीं। इन्हें 2,100 रुपये का पुरस्कार मिला। भारत भारती स्कूल ढालपुर की इशिता तृतीय रहीं। इन्हें 1,100 रुपये दिए गए। वाद-विवाद में घाटी के 26 विद्यालयों से 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया। चित्रकला में पीएम श्री जीएसएसएस, सुल्तानपुर की प्रवीना द्वितीय रहीं। उन्हें 1,501 रुपये मिले। कुल्लू वैली स्कूल, अखाड़ा की सन्विका तृतीय रहीं। उन्हें 1,001 रुपये दिए गए। प्रतियोगिता में 39 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
जीएसएसएस ढालपुर के विशाल शर्मा और ब्यास संस्कृत महाविद्यालय, सुल्तानपुर की साक्षी को वाद-विवाद प्रतियोगिता में 500 के सांत्वना पुरस्कार दिए गए। देवभूमि स्कूल की सिमरन को चित्रकला प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार मिला। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रोफेसर दयानंद गौतम ने वाद-विवाद प्रतियोगिता की थीम की सराहना की। इसमें प्रतिभागियों को भगवद्गीता के अठारह अध्यायों में से किसी भी श्लोक की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत करनी थी। उसके आधुनिक जीवन में महत्व को स्पष्ट करना था। गीता तपोभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष अमन सिंह सूद ने छात्रों की उत्साही भागीदारी की प्रशंसा की। गीता आश्रम के अनुयायी देवेश मिश्रा ने बताया कि सद्गुरुदेव स्वामी गीतानंद भिक्षु के आशीर्वाद से यह वार्षिक उत्सव ब्रह्मलीन स्वामी आराधना भिक्षु की पावन स्मृति में आयोजित किया जाता है।