मानसिक रोगों से ग्रस्त तीन जिलों के मरीजों को झेलनी पड़ेंगी परेशानियां
लाहौल-स्पीति और पांगी क्षेत्र के मरीजों के कटेंगे मेडिकल कॉलेजों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मानसिक रोगों से ग्रस्त मरीजों को उपचार के लिए अब मेडिकल कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात साइकोलॉजिस्ट का स्थानांतरण हो गया है।
ऐसे में अब मानसिक रोगियों की परेशानियों में इजाफा हो गया है। चिकित्सक न होने की वजह से कुल्लू, लाहौल-स्पीति और चंबा के पांगी क्षेत्र से आने वाले मानसिक रोगियों को अब अस्पताल में बीमारी का उपचार नहीं मिलेगा।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में गत वर्ष से मानसिक रोग ओपीडी शुरू हुई थी। इसमें रोजाना 25 से 30 मरीजों का उपचार किया जा रहा था लेकिन अब साइकोलॉजिस्ट का स्थानांतरण हो गया है। इस वजह से मानसिक रोगियों को अब उपचार करवाने के लिए बाहरी जिलाें में स्थापित मेडिकल कॉलेजों का रुख करना पड़ेगा। उपचार के लिए मरीजों को समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में साइकोलॉजिस्ट की तैनाती होने से तीन जिलों के मरीजों को राहत मिली थी और समय पर उपचार हो रहा था लेकिन अब दोबारा मरीजों की दिक्कतें अब बढ़ने लगी हैं। उधर, इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि साइकोलॉजिस्ट डॉ. नेहा का स्थानांतरण हुआ है। ऐसे में अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में उपचार सुविधा बंद है। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या और मांग को देखते हुए अस्पताल में साइकोलॉजिस्ट की तैनाती करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से पत्राचार किया गया है।