कुल्लू। मलाणा प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन ने तीन अप्रैल 2024 को प्रबंधन को छह सू़त्रीय मांग पत्र सौंपा था, लेकिन अब तक प्रबंधन ने मांगपत्र पर गौर नहीं किया है। प्रबंधन ने कर्मियों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया हुआ है। सोमवार को कर्मियों ने काले बिल्ले लगाकर प्रबंधन का विरोध जताया। मलाणा प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष तुलसी राम ने कहा कि यूनियन ने हाल ही में दस अक्तूबर को आम सभा कर प्रबंधन को चेताया था कि मांगों पर गौर नहीं हुआ, तो कर्मी काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बावजूद प्रबंधन ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।
उन्होंने कहा कि अब अगर प्रबंधन मांगों को नहीं मानता है तो यूनियन संघर्ष को और तेज करेगी। कहा कि कर्मी प्रोजेक्ट प्रबंधन से मासिक वेतन बढ़ोतरी, पदोन्नति, एक समान सुविधा, ठेका कर्मियों को नियमित करने और ठेका कर्मियों को सेवानिवृत्त होने पर ग्रेच्युटी की सुविधा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन मांगों को अनदेखा कर रहा है। ठेका कर्मी 18 सालों से प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। वहीं, यूनियन के सचिव प्रवीण कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रबंधन का बांध क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके कारण अधिक नुकसान इन्हीं कर्मियों को हुआ है क्योंकि अधिकतर संख्या में कर्मी वही हैं, जिनकी भूमि को अधिग्रहित किया गया है। संवाद