कुल्लू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर बनी अटन टनल रोहतांग को खास बना दिया है। साथ ही वे अटल टनल रोहतांग के मुरीद हो गए। 9.2 किलोमीटर लंबी अटल टनल देश-विदेश के सैलानियों के लिए पहली पसंद बनी है।
अटल टनल को बने हुए 20 माह का समय हो गया है। इसे अभी तक करीब 23 लाख सैलानी देख चुके हैं। टनल को देखने के लिए केंद्रीय नेताओं के साथ कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री, बॉलीवुड कलाकारों समेत भारतीय क्रिकेटर भी टनल को देखने के लिए आ चुके हैं। अब देश के राष्ट्रपति ने टनल को निहार कर इसे सैलानियों के लिए और भी खास बना दिया है। इससे मनाली के साथ लाहौल के पर्यटन कारोबार को और पंख लगने की उम्मीद है। विशेष रूप से अटल टनल को देखने आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने टनल के निर्माण की जमकर तारीफ की है। राष्ट्रपति ने कहा कि अटल टनल बहुत ही अच्छी बनी है। इसी टनल के माध्यम से उन्हें लाहौल को भी देखने का मौका मिला है।
वह इससे पहले कई बार कुल्लू-मनाली आए हैं, लेकिन लाहौल-स्पीति जाने की हिम्मत नहीं हुई। कई तरह की रुकावटें आई। अब अटल टनल से वह लाहौल पहुंचे हैं। उल्लेखनीय है कि कुल्लू-मनाली आने वाला हर पर्यटक अटल टनल को देखना चाहता है। अटल टनल रोहतांग देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। संवाद
अटल टनल कई मायनों में खास
13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा को भेदकर बनी अटल टनल कई मायनों में खास है। यह न केवल 10,000 से अधिक ऊंचाई पर बनने वाली दुनिया की पहली ट्रैफिक टनल है, बल्कि मनाली-लेह के बीच का सामरिक महत्व भी बढ़ा है। इसके अलावा शेष दुनिया से अलग-थलग होने वाला जनजातीय क्षेत्र लाहौल 12 माह जुड़ गया है। अब रोजाना हजारों सैलानी लाहौल की बर्फीली वादियों का आनंद उठाने के लिए पहुंचते हैं। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने कहा कि अटल टनल रोहतांग से कुल्लू-मनाली के पर्यटन को नई पहचान मिली है।