कुल्लू। जिला कुल्लू में ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के ब्लॉक में डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में संक्रमितों के उपचार के लिए 200 बिस्तरों की सुविधा है। इनमें 170 बिस्तरों पर पाइप लाइन तथा 30 बिस्तरों पर सिलिंडर से ऑक्सीजन मुहैया करवाई जाएगी।
हालांकि अब तक एक माह में 50 से अधिक लोग विदेशों से कुल्लू आए हैं। उन लोगों को नियमानुसार एक सप्ताह तक होम क्वारंटीन किया जा रहा है। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने पर आठवें दिन इनका आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जा रहा है। जबकि जिला समेत प्रदेश में अभी ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कोरोना संक्रमितों के लिए अलग से ही पूर्व में डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। वर्तमान में इस सेंटर में एक भी कोरोना मरीज नहीं है। जिला में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या भी दस से कम चल रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के अगर मरीज पाए जाते हैं, तो उनका उपचार कोविड सेंटर में किया जाएगा।
उन्हें ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए पाइप लाइन व सिलिंडरों की मदद से ऑक्सीजन बिस्तर पर उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि कुल्लू में पिछले एक माह में 50 से अधिक लोग कुल्लू पहुंचे हैं। इन लोगों की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जांची जा रही है। इसके बावजूद इन लोगों को विभाग नियमानुसार होम क्वारंटीन कर रहा है। इनका बाकायदा आरटीपीसीआर टेस्ट किया जा रहा है।
दो ऑक्सीजन प्लांट और 531 सिलिंडरों की व्यवस्था
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश ने कहा कि अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा है। इसके अलावा अस्पताल में 531 ऑक्सीजन भी उपलब्ध हैं। इनमें 471 डी टाइप और 60 बी टाइप सिलिंडर हैं। संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन संबंधी समस्या नहीं होगी।
विदेशों से आने वाले लोगों के होंगे आरटीपीसीआर टेस्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि ओमिक्रॉन के पॉजिटव मरीज आने पर समस्या न आए, इसकी पूरी तैयारी की गई है। विदेशों से आने वाले सभी लोगों के आरटीपीसीआर टेस्ट होंगे।