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अब जिले के दुर्गम गांवों में स्टील ढांचे के बनेंगे टैंक

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कुल्लू। मझाण अग्निकांड से सबक लेते हुए जिले के दुर्गम गांवों में जल शक्ति विभाग स्टील ढांचे के टैंकों का निर्माण करेगा। इसका डिजाइन व अन्य तकनीकी सहयोग स्वयं जल शक्ति विभाग के अधिकारी करेंगे। सैंज घाटी के मझाण अग्निकांड के बाद प्रशासन व विभाग जाग गया है।
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अब जल शक्ति विभाग संवेदनशील गांवों में टैंकों का निर्माण करेगा। अब तक 110 टैंकों के निर्माण के लिए प्राक्कलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। इनका कार्य भी जल्द शुरू होगा। वहीं अन्य टैंकों का निर्माण वन विभाग द्वारा जल शक्ति विभाग के सहयोग से मनरेगा व अन्य मदों में किया जाएगा। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मंगलवार को जिला में पंचवटी योजना व मनरेगा के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उपायुक्त ने मझाण व मलाणा गांव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन गांवों तक पहुंचना कठिन है। इस कारण नुकसान अधिक हुआ है।
इस परकार की घटनाओं से नुकसान को कम करने के लिए भविष्य में आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा आगजनी की घटनाओं के दौरान जिन गांवों तक बचाव दल जल्द नहीं पहुंच पाता, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर गांव के ऊपर जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाना चाहिए। टैंकों के निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि टैंक पूरी तरह से सुरक्षित हों और गांव को इससे भविष्य में किसी प्रकार का खतरा न हो।
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आगकी कई घटनाएं, करोड़ों का नुकसान
बता दें कि जिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान अग्निकांड की अनेक घटनाएं हुई हैं। इनमें कई मकान आग की भेंट चढ़ गए और बहुत से घरों को क्षति पहुंची है। लोगों की करोडों की संपत्ति का भी नुकसान हुआ। कई परिवार बेघर हो गए। उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों को ऐसे गांवों का चयन करने को कहा है, जहां सबसे पहले जल भंडारण टैंक की जरूरत है। उपायुक्त ने पंचवटी योजना के तहत जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित वाटिकाओं की प्रगति के बारे में भी संबंधित विभागों के साथ चर्चा की।
मझाणा गांव के लिए टैंक का डिजाइन तैयार
जल शक्ति विभाग ने बताया कि मझाण गांव के लिए स्टील ढांचे का टैंक डिजाइन किया गया है। इसका कार्य जल्द शुरू होगा। इसके अलावा जल भंडारण बफर टैंकों का इस्तेमाल गर्मियों में तीन माह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इस अवसर पर अरण्यपाल अनिल जोशी, अतिरिक्त उपायुक्त एसपी सिंह, वन विभाग के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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