ऐतिहासिक लाल चंद्र प्रार्थी कलाकेंद्र में एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा जिला सांस्कृतिक परिषद कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में सुन्नी भोटली और भुंकू पर नाटक का सुंदर मंचन किया। यह नाटक सुन्नी भोटली और भुंकू गद्दी की प्रेम गाथा पर आधारित था।
कलाकेंद्र में इस नाटक को देखने के लिए काफी भीड़ उमड़ी। यह नाटक में हिमाचल के तीन क्षेत्रों क्रमश: चंबा, लाहौल-स्पीति तथा कुल्लू की संस्कृति का भव्यता से सम्मिश्रण किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में प्रचलित सुन्नी भुंकू की प्रेमगाथा को आधार बनाकर नाटक की पटकथा को मजबूती से लेखक व निर्देशक केहर सिंह ठाकुर ने रचा है। नाटक की भाषा हिंदी होते हुए भी पात्रों द्वारा स्थानीयता का लहजा बरकरार रखने की कोशिश की गई है। गीतों के पहाड़ी बोल भी ऐसे इस्तेमाल किए गए हैं जो किसी भी हिंदी जानने वाले को समझ में आ सकें।
नाटक में स्वयं केहर सिंह ठाकुर के अलावा आशा, आरती ठाकुर, ओम प्रकाश, जीवानंद, रेवत राम (विक्की), दीन दयाल, कुलदीप, अवंतिका, पलक, सोनाली, ममता तथा आकांक्षा आदि कलाकारों ने मंच पर सुन्नी भुंकू की प्रेम कहानी के पात्रों को अपने अभिनय से जिंदा कर दिया। मंच पर रोशनी तथा वस्त्र परिकल्पना का कार्य युवा रंगकर्मी मीनाक्षी ने किया तथा पार्श्व संगीत संचालन श्याम का रहा। इस नाटक का तीन मंचन होंगे। आखिरी मंचन 24 फरवरी बुधवार शाम 6:15 बजे होगा।