मनाली की मनु रंगशाला में प्रस्तुती देते प्रतिभागी।
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मनाली। पर्यटन नगरी मनाली में विंटर कार्निवाल की धूम के बीच बुधवार को पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों और लोक कलाकार बजंतरियों की प्रतिभा की धमक भी आकर्षण का केंद्र रही। कार्निवाल के चौथे दिन जिला कुल्लू के बजंतरियों की पांच प्रतिभागी टीमों ने दमदार प्रस्तुति दी। खराब मौसम के चलते मनु रंगशाला में इसका आयोजन किया गया। जिलेभर से पांच दलों में आए 30 कलाकारों ने ढोल-नगाड़े, करनाल और शहनाई पर अपनी पकड़ और बजाने की कला का प्रदर्शन किया।
रोजना अलग-अलग थीम पर प्रस्तुति दे रहे बजंतरियों ने बुधवार को हौरन और चौरासा नृत्यों की धुन बजाई। करीब एक घंटे तक पांचों दलों के प्रतिभागी लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से पूरे वातावरण को देवमय बनाते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चौरासा व हौरन नृत्य की धुन पर बजाए गए वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति पर रंगशाला में मौजूद अधिकांश लोग झूम उठे। जिला कुल्लू में हौरन व चौरासा नृत्य काफी प्रचलित और लोकप्रिय है। हौरन नृत्य को ग्रामीण मेलों के साथ कुल्लू दशहरा और विंटर कार्निवाल में भी किया जाता है। वाद्य यंत्र स्पर्धा के तीसरे दिन और कार्निवाल के चौथे दिन सुखदास एंड भी गाहर, टेक राम एंड पार्टी सेउबाग, विनोद एंड पार्टी फोजल, जयचंद एंड पार्टी सरली और राम सिंह एंड पार्टी बागन ने शानदार प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी।
आयोजक सदस्य अरुण ठाकुर ने बताया कि कार्निवाल के आखिरी दिन वीरवार को वाद्य यंत्र स्पर्धा का परिणाम घोषित किया जाएगा। प्रथम, दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले दलों को कार्निवाल कमेटी नकद राशि से पुरस्कृत करेगी। स्पर्धा के लिए कमेटी ने निर्णायक मंडल का गठन किया है।