हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच की बैठक रविवार को प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र सूद की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान परिवहन पेंशनरों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। परिवहन पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा है कि पेंशनरों को पिछले दो माह की पेंशन नहीं मिली है। सरकार पेंशनरों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है।
इस समस्या को कई बार परिवहन मंत्री तथा प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया गया, लेकिन सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी। परिवहन पेंशनरों ने निर्णय लिया है कि आने वाले विधानसभा सत्र में परिवहन पेंशनर विधानसभा सत्र का घेराव किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो विधानसभा के बाहर अनशन पर बैठेंगे। परिवहन पेंशनरों ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हमें किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ समय पर नहीं दे रही है। 47 प्रतिशत महंगाई भत्ते समेत मेडिकल बिलों का भुगतान वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। मंच की 18 दिसंबर को बिलासुपर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब हमें आर-पार की लड़ाई के लिए तैयारी करनी है। सरकार उनकी बात को सुनने को तैयार नहीं है।
प्रदेश सरकार के रवैये को लेकर हिमाचल प्रदेश सेवानिवृत्त कल्याण मंच दुखी है। मंच अपनी मांगें मनवाने के लिए 21-22 फरवरी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आगामी रणनीति तैयार करेगा। इस अवसर पर नरेंद्र सूद, कृष्ण लाल, मधु शर्मा, अरुण शर्मा, यशपाल मोदगिल, पृथी चंद, गोकुल चंद, चंद्रलाल, विरेंद्र कुमार, सुनीता देवी, सुशील कुमार, प्रेम चंद, ठाकुर देव, रोशन लाल, सुखदास, सुखसागर, विशेष कुमार, पौषू राम, टिकम राम, ज्ञान चंद, संत लाल, मोती राम, उधम सिंह, तुलसी राम, छोग्याल, कमला देवी, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।