संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश के बड़े अस्पतालों की तर्ज पर जिले के नागरिक अस्पतालों में भी अब फास्ट ट्रैकिंग की सुविधा मरीजों को मिलेगी। इससे क्षय रोगियों की पहचान आसानी से होगी और मरीजों को पंजीकरण और ओपीडी की लंबी कतारों से भी छुटकारा मिलेगा।
क्षय रोग के लक्षणों वाले मरीज लाइनों खड़े रहने के बजाय सीधे अपना फास्ट ट्रैकिंग कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। मरीजों के लिए यह कार्ड पंजीकरण (पर्ची) काउंटर पर उपलब्ध रहेगा। बता दें कि फास्ट ट्रैकिंग को क्षय रोग पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। क्षय रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाला रोग है। अस्पताल में उपचार करवाने आए अन्य मरीज और तीमारदार इस संक्रमण की चपेट में न आए, इसके लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला कुल्लू के सभी बड़े अस्पतालों में अब मरीजों को फास्ट ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी। फास्ट ट्रैकिंग के जरिये स्वास्थ्य विभाग क्षय रोगियों की पहचान करेगा।
हालांकि 18 अप्रैल 2022 से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में यह सेवा शुरू की गई है। अब इसे जिलाभर के अस्पतालों में लागू किया गया है। हर बड़े अस्पताल में क्षय रोग की पहचान के लिए अलग व्यवस्था होने का फायदा मरीजों को मिलेगा। अन्य मरीजों के संपर्क में न आने से संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा। इसके लिए सभी नागरिक अस्पतालों में पंजीकरण काउंटर पर अलग से व्यवस्था की गई है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि कुल्लू अस्पताल के बाद सभी
नागरिक अस्पतालों में फास्ट ट्रैकिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके चलते क्षय रोग पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
टीबी उन्मूलन में मिला है रजत पदक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने टीबी उन्मूलन में देश के बड़े राज्यों को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। ऐसे में जिला कुल्लू को टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रजत पदक मिला है।