कुल्लू। हाईकोर्ट के फैसले के चार साल बाद भी सरकार कुल्लू जिले के पंजीकृत 4000 अवैध कब्जा धारकों के कब्जों को नियमित करने के लिए नीति नहीं बना पाई है। इससे परिषद में सरकार के प्रति रोष है। सोमवार को कुल्लू में भूमिहीन एवं आवासहीन कल्याण परिषद ने बैठक की।
इसमें 25 लोगों ने भाग लिया। कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी मदों पर अवैध कब्जों को नियमित न करने पर विस्तार से चर्चा की। भूमिहीन एवं आवासहीन कल्याण परिषद के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया 2017 में हाईकोर्ट ने परिषद के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसमें स्पष्ट लिखा था कि 5 बीघा से कम अवैध कब्जा धारकों के कब्जे को नियमित करने के लिए नीति बनाई जाए, लेकिन इस पर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दी।
उन्होंने कहा कि परिषद में लगभग 4000 हजार लोग पंजीकृत हैं।
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी भेजे जा रहे नोटिस
अध्यक्ष ने कहा कि कुल्लू जिले में धनवान लोगों के इंतकाल हो रहे हैं, लेकिन गरीबों के पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भी अवैध कब्जों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जोकि निंदनीय है। अब ऐसे में भूमिहीन एवं आवासहीन कल्याण परिषद सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। बैठक में महासचिव पुरखू राम, सुरेश, चेत राम कोंडल, खीमे राम, आत्मा राम, सोमा देवी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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