इस भनक से या तो विभाग दूर है या जानबूझकर लापरवाही बरत रहा है। इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को डिपुओं में मिलने वाली खाद्य वस्तुएं भी अच्छी क्वालिटी की नहीं मिल रही हैं।
तीन महीनों में खाद्य आपूर्ति विभाग एक भी खाद्य वस्तु का सैंपल नहीं भर पाया है। इसके अलावा न ही होटल-ढाबों में दबिश दी है। लिहाजा, ऐसे में बेखौफ होकर होटल, ढाबा संचालक और रेस्तरां में घरेलू गैस सिलेंडरों का सरेआम इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे पहले जिला कुल्लू में घरेलू सिलेंडरों का अवैध रूप से प्रयोग होने पर विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता था, लेकिन तीन महीनों से कार्रवाई न करना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। जिस समय विभाग के पास स्टाफ की भारी कमी थी तो उस समय समय-समय पर छापामारी होती थी। वर्तमान में विभाग के पास मात्र निरमंड में ही एक इंस्पेक्टर का पद रिक्त चल रहा है। अन्य जगहों पर इंस्पेक्टर के सभी पद भरे हैं।
इसके बावजूद तीन महीनों में छापामारी अभियान न छिड़ पाना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। इधर, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मिलाप चंद का कहना है कि निरमंड को छोड़कर अन्य सभी जगह विभाग में इंस्पेक्टर तैनात है। जिला में किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं है।