कुल्लू। जिला कुल्लू के हर विकास खंड की 10 ग्राम पंचायतों और 10 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में मॉडल के तौर पर वर्षा जल संग्रहण टैंक विकसित किए जाएंगे। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने सोमवार को कहा कि चरणबद्ध तरीके से इस प्रकार के जल संग्रहण भंडारण टैंकों का निर्माण जिला की समस्त ग्राम पंचायतों व स्कूलों में किया जाएगा।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण तथा राजस्व विभागों की ओर से जिले में चिह्नित की गई 5600 जल निकायों की जिओ टैगिंग की जाएगी। जल शक्ति तथा वन विभाग जिले के विभिन्न स्थानों में बड़े वर्षा जल संग्रहण स्थल विकसित करेंगे। इसके अलावा मनरेगा के तहत भी जिले में जल संग्रहण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। मनरेगा के तहत चैक डैम का कार्य किया जा रहा है। इनकी गुणवत्ता की स्वयं संबंधित विभागों की ओर से जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में जल शक्ति केंद्र से संबंधित ज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी। जल की उपलब्धता, मिट्टी की प्रकृति इत्यादि को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक ढंग से कार्य नीति बनाई जाएगी। जल निकायों की मरम्मत व निर्माण के लिए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को हटाया जाएगा। ग्राम पंचायतों के लिए 15वें वित्तायोग से प्राप्त अनुदान का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने जिला स्तरीय जल शक्ति अभियान समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त एसपी सिंह, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति केके कुल्लवी, परियोजना अधिकारी डीआरडीए सुरजीत सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे।