गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी के बुसारी गांव में सोमवार को 60 फीट ध्वज को ढोल नगाड़ों की स्वरलहरियों के बीच स्थापित किया गया। देवता शेषनाग के सम्मान में बुसारी गांव में हुए इस आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इससे पहले झुटली गांव से बुसारी के लिए देवता शेषनाग वाद्ययंत्रों के साथ रवाना हुए। बुसारी पहुंचने पर ग्रामीणों ने देवता का भव्य स्वागत किया। इसके बाद 60 फीट लंबे ध्वज को लगाने का क्रम शुरू हुआ। इसमें गांव बुसारी, बंदल, शरची, जमाला आदि क्षेत्र के लोगों ने हिस्सा लिया। ध्वज लगाने के बाद यहां पर देवता की जय-जयकार हुई।
देवता शेषनाग के भंडारी सूरत राम ने कहा कि यह मेला हर साल मनाया जाता है। इसमें देव परंपराओं का निर्वहन करने के साथ ही 60 फुट लंबे ध्वज को लगाया गया। ध्वजारोहण के बाद माता गाड़ादुर्गा की छड़ी का इंतजार किया। जब तक माता गाड़ादुर्गा की छड़ी नहीं आई, तब तक देवता शेषनाग अपने देवालय नहीं लौटे। माता गाड़ादुर्गा की छड़ी बुसारी में पहुंची तो देवमिलन हुआ। इसके बाद देवता अपने मंदिर झुटली के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। देवता ने गूर के माध्यम से हारियानों और कारकूनों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। संवाद