उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। पारंपरिक परिधानों में सजे जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की भव्य शोभायात्रा और झांकियों के साथ उदयपुर में राज्य स्तरीय मरगुल उत्सव शुरू हो गया है।
लाहौली वेशभूषा से सजी महिलाओं और पुरूषों ने माता के मंदिर से आयोजन स्थल तक शोभायात्रा निकाली। इस दौरान लाहौल-स्पीति के साथ पांगी-किलाड़ और किन्नौर के सांस्कृतिक दल शामिल हुए। इस तीन दिवसीय उत्सव को मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा शुभारंभ किया। उन्होंने मृकुला माता के मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने विभागों, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूहों के स्टालों और प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
मरगुल उत्सव के पहले दिन नृत्य किया गया। इसमें महिला मंडल काजा के अतिरिक्त पारंपरिक श्रेणी नृत्य तथा जिलास्तरीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। महिला मंडल हिंसा, जाहलमा, बारिंग, थिरोट, मुरिंग, गाहर, छाटिंग, करपट, कुकुमसेरी, सलपट, कोराकी और बरोड़ ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। इसे पहले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उदयपुर के छात्राओं ने सरस्वती गीत पेश किया। इसके अलावा होमगार्ड के बैंड तथा प्रदेश पुलिस के हारमनी ऑफ पाइन्स बैंड ने खूबसूरत प्रस्तुति दी।
मंत्री ने पारंपरिक स्वागत करने वाले महिला मंडल को 5,000-5,000 और स्टॉल लगाने वाले प्रत्येक महिला मंडल को 15,000-15,000 देने की घोषणा की। इस अवसर पर उपायुक्त नीरज कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त काजा अभिषेक वर्मा, उपमंडलाधिकारी प्रिया नागटा, निशांत तोमर, गुंजीत चीमा, शमशेर सहित पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे।