रोहतांग दर्रे से गुजरता एक वाहन।
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देश के सबसे ऊंचे मनाली-लेह मार्ग को आधिकारिक तौर पर करीब छह माह बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। सीमा सड़क संगठन बल के दीपक और हिमांक प्रोजेक्ट के दोनों कमांडरों ने वीरवार को एक साथ हिमाचल-जम्मू कश्मीर बॉर्डर पर स्थित सरचू में हरी झंडी दिखा कर इसका आधिकारिक एलान किया। कम बर्फबारी के कारण इस बार मनाली लेह मार्ग पिछले साल के मुकाबले करीब एक माह पहले खुल गया है। इसके साथ ही मनाली-लेह मार्ग पर छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
485 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से 11 मई को बीआरओ ने बर्फ हटा दी थी। जबकि 15 मई से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। बीते साल 14 जून को मनाली-लेह मार्ग खुला था। आधिकारिक तौर पर सड़क मार्ग खुल जाने से लेह जाने वाले वाहनों की संख्या में इजाफा हो गया है। इधर, कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि बारालाचा दर्रा के आसपास जिन जगहों पर मार्ग तंग था, उसे चौड़ा कर दिया गया है। इस पूरे अभियान को अंजाम देने में संगठन के सभी कर्मचारियों का योगदान रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मनाली लेह मार्ग पर सेना के वाहनों के काफिले दौड़ते नजर आएंगे।