लाहौल की मयाड़ घाटी के करपट नाले में आई बाढ़ के बाद के हालात। -संवाद
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के करपट नाले में बाढ़ आने से करीब 25 लाख रुपये की फसलों को नुकसान हुआ है। बाढ़ के कारण गाद खेतों में आ गई। इससे आलू, मटर, गोभी, कुठ और राजमा की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सिंचाई की चार मुख्य कूहल, दो सरकारी शौचालय, वेटरनरी भवन, सामान सहित प्राइमरी स्कूल स्टोर और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है।
राजस्व विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। बताया रहा है कि इस इलाके में बरसात नहीं हुई है। ऐसे में तेज धूप से बढ़ रहे तापमान से ग्लेशियर पिघलने से नाले ने रौद्र रूप धारण किया था। इस कारण 35 घरों की आबादी वाले करपट गांव के ग्रामीण अपने खतरे के साथ फसल के नुकसान को लेकर काफी चिंतित है। लाहौल घाटी में साल में एक ही फसल होती है। रविवार को लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने मौके का जायजा लिया और संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि सिंचाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए।
प्रशासन को फौरी राहत के तौर पर रिलीफ शेल्टर और राशन सामग्री आदि की व्यवस्था करने को भी कहा गया। एसडीएम उदयपुर केशव राम ने बताया कि 12 बीघा की खेती में लहलहाती फसल में गाद भरने से तकरीबन 25 लाख का नुकसान आंका गया है। बाढ़ से अन्य सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
नाले की बाढ़ के कारण ग्रामीणों को गांव के कुछ फासले पर टेंट का सहारा या दूसरे गांव में रिश्तेदारों के पास रहना पड़ता है। चिमरेट पंचायत की प्रधान प्रेम दासी ने बताया कि नाला गहरा भी नहीं है। ऐसे में बाढ़ कहीं का भी रुख कर सकती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि फसल और जमीन के नुकसान का प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए। स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि प्रभावित किसानों की हरसंभव मदद की जाएगी। संवाद