कुल्लू। भूतनाथ डबललेन पुल की भार क्षमता जांचने की प्रक्रिया शुरू हो गई। लोक निर्माण विभाग सोमवार ने सोमवार सुबह 11 बजे औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगी। सोमवार को बस अड्डा कुल्लू की ओर वाले पुल के छोर पर 30 टन वजनी टिपर खड़ा किया गया।
इसी टिपर को करीब एक घंटे बाद बीचों-बीच लाया गया। पुल की जांच प्रक्रिया आगामी 24 घंटे तक चलेगी। विभागीय और पुल का मरम्मत कार्य कर रही कंपनी की टीम दिन-रात हर घंटे पुल की जांच करेगी। 23 अक्तूबर को अमर उजाला ने पुल की समस्या को पेज तीन पर ‘अगस्त तो दूर अक्तूबर में भी पुल अधूरा’ शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विभाग ने हरकत में आते हुए सोमवार को पुल की जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
गौरतलब है कि इंडियन रोड कांग्रेस के नियमानुसार किसी भी पुल के निर्माण और मरम्मत कार्य के उपरांत उसकी भार क्षमता जांची जाती है। पुल की क्षमता के अनुसार ही वाहनों को उससे गुजरने की अनुमति दी जाती है। भूतनाथ डबललेन पुल की भार क्षमता 80 टन की है। फिलहाल विभाग 30 टन तक वाहनों का भार सहने की क्षमता की जांच कर रहा है। हर घंटे पुल के विभिन्न हिस्सों में 30 टन भार वाला टिपर खड़ा किया जाएगा। अगर पुल के 24 घंटे तक किया गया हर एक टेस्ट सफल रहता है, तो शेष मरम्मत कार्य डेढ़ माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
फ्रींसिनेट मेनार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक्सपर्ट पुल के चार टेस्ट स्लॉट विधि, कोर निष्कर्षण, प्रभाव तथा परत की किस्मों का टेस्ट कर चुके हैं। अब पांचवां और अंतिम टेस्ट पुल की अधोसंरचना और स्थिर भार क्षमता का किया जा रहा है। सफल रहने पर डेढ़ माह के भीतर शेष कार्य पूरा किया जाएगा।
-केके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, लोनिवि